लोगो की भीड मै वो मेरे सामने आई
ये पहली मुलाकत मेरी ज़िन्दगी को नसीब हुई
हुम दोनो बस कुछ पल चुपचाप एक दुसरे को देखते रहे
मानो वक़्र्त थम सा गया हो,हवा चलना बन्द हो गया हो
उसे देख दिल मै एक अजीब सी खुशी हुई
उसके सामने सा ,उसके होने का एह्सास किया
उसे छु दिल को एक सुकद तसल्ली हुआ
दोनो कि नज़र बस एक दुसरे से बाते किया
दिल तो मानो आज सातवे आसमान पर हो
दिमाग तो मानो आज सुन्न सा हो गया हो
दिल की तेज़ धङ्कन अब सुनाई दी
हाथ रख कर उसे चुप कराना पङा
ये पहली मुलाकत दिल को भा गैइ
हाथ उसका पकङ मैने उसे भरोसा दिया
अपने होने का उसे एह्सास दिया
वो बेफ़्रिक हो मानो हवा मै उङ्ने लगी
उसके मुस्कराने से हर जगह रोशनी हो ग़यी
मै उस वक़्त हर पल को जिता रहा
अपने पयार को खुश देख ये कह्ता रहा
है पहली मुलाकत हुमारी यादगर है
हर एक पल ज़िन्दगी का खुशनुमा मुकाम हो
एक खुबसुरत सा फुल उसे दे, प्यार का स्वागत किया
वो अपने बालो मै लगा, उसने मेरा मान रखा
वक़्त गुज़रता रहा , हुम एक दुसरे मै खो से गये
उस शोरगुल मै भी अजीब शांति का एहसास हुआ
बस डर सा था पहली मुलाक्त के गुज़रने का
अपने हाथो से उसके हाथ के दुर जाने का
उसकी खुशबू जो हवा मै घुल सी गयी थी,उसके खतम होने का
आखिर वो वक़्त आ गया अलविदा कह्नने का
तभी अपने हाथो मै कुछ पानी के बुद
मेने सोचा यह बरसात का मौसम कैसे आया
तब मैने प्यार कि आँखों मैन आँसु पाया
ना कुछ बोल पया, उसकी सादगी पर दिल थम गया
मेने बोला ना व्य्रथ करो आँसु , तुमे बस खुश रहना है
तुम्हारी इस खुशी मै मेरी ज़िन्दगी कि जीत है
ये पहली मुलाकत तो बस एक आगाज है
हमारे सपने को बस पुरा करने का वक़्त है
मेरी ज़िन्दगी से तुम बस दुर ना होना
ये पहली मुलाकत को मेरी याद ना बना देना
ज़िन्दगी को तन्हा उमर मै जी नही सकता
अब भी इस याद को दिल मै लिये खुश रह्ता हु
वक़्त के साथ ज़िन्दगी जीना सिख गया हु
अभीजीत कुमार
ये पहली मुलाकत मेरी ज़िन्दगी को नसीब हुई
हुम दोनो बस कुछ पल चुपचाप एक दुसरे को देखते रहे
मानो वक़्र्त थम सा गया हो,हवा चलना बन्द हो गया हो
उसे देख दिल मै एक अजीब सी खुशी हुई
उसके सामने सा ,उसके होने का एह्सास किया
उसे छु दिल को एक सुकद तसल्ली हुआ
दोनो कि नज़र बस एक दुसरे से बाते किया
दिल तो मानो आज सातवे आसमान पर हो
दिमाग तो मानो आज सुन्न सा हो गया हो
दिल की तेज़ धङ्कन अब सुनाई दी
हाथ रख कर उसे चुप कराना पङा
ये पहली मुलाकत दिल को भा गैइ
हाथ उसका पकङ मैने उसे भरोसा दिया
अपने होने का उसे एह्सास दिया
वो बेफ़्रिक हो मानो हवा मै उङ्ने लगी
उसके मुस्कराने से हर जगह रोशनी हो ग़यी
मै उस वक़्त हर पल को जिता रहा
अपने पयार को खुश देख ये कह्ता रहा
है पहली मुलाकत हुमारी यादगर है
हर एक पल ज़िन्दगी का खुशनुमा मुकाम हो
एक खुबसुरत सा फुल उसे दे, प्यार का स्वागत किया
वो अपने बालो मै लगा, उसने मेरा मान रखा
वक़्त गुज़रता रहा , हुम एक दुसरे मै खो से गये
उस शोरगुल मै भी अजीब शांति का एहसास हुआ
बस डर सा था पहली मुलाक्त के गुज़रने का
अपने हाथो से उसके हाथ के दुर जाने का
उसकी खुशबू जो हवा मै घुल सी गयी थी,उसके खतम होने का
आखिर वो वक़्त आ गया अलविदा कह्नने का
तभी अपने हाथो मै कुछ पानी के बुद
मेने सोचा यह बरसात का मौसम कैसे आया
तब मैने प्यार कि आँखों मैन आँसु पाया
ना कुछ बोल पया, उसकी सादगी पर दिल थम गया
मेने बोला ना व्य्रथ करो आँसु , तुमे बस खुश रहना है
तुम्हारी इस खुशी मै मेरी ज़िन्दगी कि जीत है
ये पहली मुलाकत तो बस एक आगाज है
हमारे सपने को बस पुरा करने का वक़्त है
मेरी ज़िन्दगी से तुम बस दुर ना होना
ये पहली मुलाकत को मेरी याद ना बना देना
ज़िन्दगी को तन्हा उमर मै जी नही सकता
अब भी इस याद को दिल मै लिये खुश रह्ता हु
वक़्त के साथ ज़िन्दगी जीना सिख गया हु
अभीजीत कुमार